:
Breaking News

Ara Crime News: ट्रेनों को रोककर शराब तस्करी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, सरगना समेत 9 गिरफ्तार

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के आरा में ट्रेन रोककर शराब तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, RPF-GRP की संयुक्त कार्रवाई में 9 आरोपी गिरफ्तार, 18 फरार।

आरा/आलम की खबर:बिहार के आरा रेलवे स्टेशन और आसपास के रेल रूट पर चलती ट्रेनों को निशाना बनाकर अवैध शराब तस्करी करने वाले एक संगठित और खतरनाक गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है, इस कार्रवाई ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले नेटवर्क की पूरी परतें खोल दी हैं, और यह साफ हो गया है कि यह कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि एक सुनियोजित सिंडिकेट है जो लंबे समय से रेल मार्ग का दुरुपयोग कर रहा था।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के सरगना सहित कुल नौ शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में सक्रिय एक बड़े अवैध शराब तस्करी नेटवर्क की कमर टूट गई है, हालांकि पुलिस के अनुसार अभी इस गिरोह के कई सदस्य फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था, इसके सदस्य पहले चलती ट्रेन में चेन पुलिंग कर उसे रोकते थे और फिर सुनसान स्थानों जैसे आरा स्टेशन के आउटर या जगजीवन हॉल्ट पर ट्रेन को खड़ा कर देते थे, इसके बाद ट्रेन में लदी अवैध शराब की खेप को तेजी से उतारकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचा दिया जाता था।

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अगर कोई यात्री या रेलवे कर्मचारी विरोध करता था, तो गिरोह के सदस्य उस पर पथराव कर माहौल को भयभीत बना देते थे, जिससे यात्रियों में दहशत फैल जाती थी और कोई भी खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं कर पाता था, इस तरह यह गिरोह लंबे समय से बिना किसी बड़े विरोध के अपना नेटवर्क चलाता रहा।

रेल पुलिस को पिछले करीब एक महीने से इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी, लगातार यात्रियों और स्थानीय लोगों की शिकायतें आ रही थीं कि कुछ असामाजिक तत्व ट्रेनों को जबरन रोककर शराब की तस्करी कर रहे हैं, हाल ही में एक घटना में इन लोगों द्वारा यात्रियों के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया।

जांच और छापेमारी के दौरान पुलिस ने जब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, आरोपियों ने स्वीकार किया कि आरा के जगजीवन हॉल्ट पर हुई पथराव और शराब उतारने की घटना में भी वही लोग शामिल थे, उस समय जब रेलवे सुरक्षा बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी, तब उन्होंने ट्रेन और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था और मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह केवल कुछ लोगों का समूह नहीं बल्कि लगभग 27 सदस्यों का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें हर सदस्य की अलग भूमिका तय थी, कुछ लोग ट्रेन रोकने का काम करते थे, कुछ शराब उतारने में लगे रहते थे, जबकि बाकी लोग माल को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने और निगरानी का काम संभालते थे।

फिलहाल पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के नौ सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष 18 आरोपी अभी फरार हैं, उनकी पहचान कर ली गई है और विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को खत्म कर दिया जाएगा और इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।

रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है, उनका कहना है कि इस तरह के संगठित अपराध रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, लेकिन लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के जरिए ऐसे नेटवर्क को खत्म किया जा रहा है, इस कार्रवाई के बाद रेलवे मार्ग पर अवैध शराब तस्करी की घटनाओं में बड़ी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

कुल मिलाकर आरा में हुई यह कार्रवाई बिहार पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिसने एक बार फिर यह साबित किया है कि संगठित अपराध चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता, फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर सभी की नजर टिकी हुई है।

यह भी पढ़ें:

बेगूसराय में युवक की गोली मारकर हत्या

दरभंगा में मुखिया पति पर रंगदारी को लेकर हमला

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *